कलेक्ट्रेट में बुधवार को अधिकारियों की बैठक ले रहे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री की मौजूदगी में नगर परिषद के आयुक्त ने नगर परिषद के सभापति एवं उनके पिता पर लगाए आरोपों को नगर परिषद सभापति अजय प्रजापत ने मिथ्या एवं निराधार बताते हुए नगर परिषद आयुक्त पर लापरवाही एवं भ्रष्टाचार का आरोप लगाए हैं।नगर परिषद सभापति अजय प्रजापत ने बताया कि उनके पिता ठेकेदार रामेश्वर प्रजापत नगर परिषद के कार्य में हस्तक्षेप नहीं करते हैं। यह पूरी तरह गलत है कि राशन वितरण में सभापति के वार्ड में मात्र 32 लोगों का नाम सूची में शामिल किया है, जिसमें मात्र चार ही सभापति की जाति के लोग हैं। शेष सभी जातियों के जरूरतमंदों के नाम उस लिस्ट में शामिल कर रसद सामग्री का वितरण कराया था। सभापति अजय प्रजापत ने कहा कि नगर परिषद आयुक्त शंभू लाल मीणा सभापति के पद ग्रहण के बाद से ही आदेशों की अवहेलना करते चले आ रहे हैं।
स्वास्थ्य निरीक्षक पिंटू मीना को 14 जनवरी को एपीओ कर मुख्यालय भरतपुर करने के बाद भी उसे रिलीव नहीं करने, लेखा अधिकारी अब्दुल गफ्फार एवं कैशियर गोपाल शर्मा एवं कमिश्नर को 5000 से अधिक के भुगतान को बिना संज्ञान में लाए भुगतान नहीं करने, कैलादेवी मेले को ध्यान में रखते हुए 10 बिंदुओं के आधार पर मरम्मत व व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश देने के बाद भी उनकी पालना नहीं करने, फायरमैन सोहन सिंह पूनिया को पीएचडी के वर्तमान कार्यभार से मुक्त करने के निर्देशों की पालना नहीं करने एवं संयुक्त शासन विभाग जयपुर के निदेशक के आदेशों की पालना नहीं करने, निसार अहमद को स्टोर का चार्ज नहीं देने, 4 महीने से खराब पड़े दो फायर गाड़ी, 13 टैंपों, एक डम्पर को अभी तक सही नहीं करवाने तथा ड्राइवरों का भुगतान नहीं देने, सभी वार्डो में रसद सामग्री किट नहीं देने, रसद सामग्री वितरण लिस्ट बनाते समय वार्ड मेंबरों से सुझाव नहीं लेने के नगर परिषद आयुक्त पर आरोप लगाए हैं और कार्यवाही की मांग की है।
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