अजमेर में कोरोना विस्फोट से जहां सभी दहशत में है दूसरी ओर इस जानलेवा संक्रमित बीमारी के बीच खड़े किशनगढ़ के कोरोना योद्धा दो सगे भाई कोरोना पॉजिटिव रोगियों का इलाज कर दूसरों के लिए मिसाल कायम कर रहे हैं। किशनगढ़ के कृष्णापुरी निवासी सुनील वैष्णव नर्सिंगकर्मी के रूप में दिल्ली के एम्स में कोरोना पॉजिटिव रोगियों का उपचार और देखरेख कर रहे हैं। जबकि उनके बड़े भाई सीनियर नर्सिंग कर्मी के रूप में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में ड्यूटी देकर कोरोना रोगियों की जान बचाने में जुटे हुए है।
सबसे खास बात यह है कि पिता शिवलहरी वैष्णव और माता इंद्रा देवी की ये दो संतानें हैं और दोनों ही आज माता-पिता से दूर कोरोना पीड़ितों की जिंदगी बचाने में जुटे है। दोनों लाड़ले दिनभर में मुश्किल से एक बार अपने परिजनों से फोन पर बात कर अपने ठीक होने की जानकारी देते हुए परिजनों को हिम्मत बंंधा देते है। दोनों भाई भी एक दूसरे को कोरोना में ड्यूटी के अपने अनुभव साझा करते हुए सावधानी बरतने के लिए कहते हैं। आज किशनगढ़ के दोनों भाईयों के इस महामारी के खतरे के बीच सेवाकार्य करना शहरवासी और जिले के वाशिंदों के लिए गौरव की बात है।
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