Sunday, July 19, 2020

जिला अस्पताल के 350 बेड और सभी ओटी में पाइप लाइन से मरीजों को मिलेगी ऑक्सीजन

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जिला अस्पताल में वार्ड और ऑपरेशन थिएटर में ऑक्सीजन के लिए अब सिलेंडर उठाकर इधर-उधर ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मरीजों को बेड व ओटी में पाइप लाइन के जरिए ही ऑक्सीजन की सुविधा मिलेगी। ऑक्सीजन, नाइट्रेस गैस, एयर और वेक्यूम की सप्लाई की सुविधा अब सेंट्रल सिस्टम से पाइपलाइन के जरिए ही मिलेगी।

इसके लिए 80 लाख रुपए की लागत से ऑक्सीजन प्लांट रूम (मैनिफोल्ड रूम) और पाइप लाइन फिटिंग का काम चल रहा है। इस सुविधा से सभी ओटी और 350 बेड कवर हाेंगे। इसके अलावा मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल में कांग्रेसी नेता अशोक चांडक के सहयोग से 19 एसी भी लगवाए जा रहे हैं।

पीएमओ डॉॅ. केएस कामरा के अनुसार सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम और ओपीडी में एसी लगने से मरीजों को पहले की अपेक्षा बेहतर सुविधा मिलेगी। पीएमओ के अनुसार इससे गर्मी में मरीजों व स्टाफ को ज्यादा परेशानी नहीं होगी।

ओपीडी में लगाए जा रहे हैं 19 एसी, मरीजों की सुविधा बढ़ेगी

1. जिला अस्पताल में पहले एमसीएच भवन को आॅक्सीजन पाइप लाइन से जोड़ा गया था। इसमें बेड क्षमता 50 है। नए प्लांट की क्षमता ज्यादा है। इसमें अस्पताल के मुख्य भवन की भूतल पर पाइप लाइन की फिटिंग कर दी गई है।
2. जिस वार्ड में पहले कोरोना संक्रमण के रोगी रखे गए थे, वहां फिटिंग होना बाकी है। पाइप लाइन से पांच सामान्य ओटी, सीसीयू, एमओटी, इमरजेंसी, आई ओटी व 350 बेड जोड़ दिए जाएंगे। सर्जिकल व ऑर्थो वार्ड में फिटिंग का काम पूरा हो चुका है।
3. अभी कनेक्टर लगना ही बाकी रहा है। प्लांट लगा रही कंपनी के ठेकेदार चेतन कुमार के अनुसार अगस्त के पहले सप्ताह में सारा काम कंपलीट कर सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम जिला अस्पताल के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
ओटी में चाराें सुविधा, वार्ड में सिर्फ ऑक्सीजन व नाइट्रेस की सप्लाई

ओटी में ऑक्सीजन, मरीज को बेहोश करने और सेक्शन प्रक्रिया में काम आने वाली नाइट्रेस गैस, वैक्यूम और एयर की सुविधा हाेगी। वार्ड में ऑक्सीजन और नाइट्रेस की सुविधा होगी। इसके लिए प्रत्येक वार्ड में दोनों तरफ दो-दो बेड के बीच एक-एक कर छह-छह प्वाइंट लगाए जा रहे हैं।

प्लांट में ऑक्सीजन और नाइट्रेस के सिलेंडर लगाए जाएंगे। इसमें 20 सिलेंडर इंस्टाल करने की सुविधा होगी, जिसमें 16 सिलेंडर सामान्य व्यवस्था में लगाए जाएंगे। वहीं, 4 सिलेंडर इमरजेंसी के लिए सुरक्षित होंगे। वैक्यूम और एयर का उत्पादन प्लांट में ही होगा।

मैनिफोल्ड रूम का फाउंडेशन बना

सेंट्रल ऑक्सीजन प्लांट के लिए दो कमरे बनाए जा रहे हैं। इसका फाउंडेशन बना दिया गया है। इसमें एक कमरे में सिलेंडर इंस्टाल किए जाएंगे। दूसरे कमरे में वॉल्व गेज और पंप सिस्टम होगा। इस आधुनिक सिस्टम में अगर वार्ड में सप्लाई के दौरान कहीं खराबी आएगी तो उस पाइन का वॉल्व ऑटोमेटिक ही बंद हो जाएगा।

इसमें प्रेशर मेंटेन कर मोटर के जरिए गैस की सप्लाई वार्डों व ओटी में की जाएगी। इस प्लांट का 3 साल तक कंपनी मेंटीनेंस व संचालन करेगी। जिला अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार अब प्लांट का ट्रायल होने के बाद स्टाफ को मरीज तक ऑक्सीजन की सप्लाई पहुंचाने और ओटी में इसके उपयोग के बारे में तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

चर्चा है कि काम पूरा होने के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा इस प्लांट का वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से उद्घाटन कर सकते हैं। जिला अस्पताल के एमसीएच में लगे ऑक्सीजन सप्लाई के मौजूदा प्लांट में भविष्य में ऑक्सीजन पैदा करने की तकनीक विकसित करने पर विचार चल रहा है। इसके लिए कंपनियों से टेंडर लिए जाएंगे ताकि इसे अाधुनिक रूप दिया जा सके।



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350 beds of district hospital and all OTs will get oxygen from pipeline


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